मधुमेह रोगियों के लिए शुगर लेवल कंट्रोल में रखने का 5 जादूई उपाय | Diabetes को जड़ से खत्म कैसे करें?

Diabetes को जड़ से खत्म कैसे करें?

मित्रों आज हममें से कई लोग अपनी उटपटांग लाइफस्टाइल और भेजाल खान-पान के वजह से इस श्रापित रोग 'डायबिटीज' से पीड़ित हैं। और प्रतिदिन सुबह शाम अपने शुगर लेवल को बार-बार जांचते रहते हैं, और अक्सर सोचते हैं कि कैसे इसे हमेशा के लिए कंट्रोल में रखा जाए, अगर आप भी इस हेल्थ प्रोब्लम से जूझ रहे हैं, और चाहते हैं कि अपना शुगर लेवल हमेशा कंट्रोल में रहें, तो आज के इस लेख में मैं आपको 5 ऐसे सिंपल और इफेक्टिव उपाय बताने वाला हूं जो आपके शुगर लेवल को न सिर्फ कंट्रोल में रखेगी, बल्कि Diabetes को जड़ से खत्म करने में भी आपकी मदद कर सकती हैं...

मधुमेह रोगियों के लिए शुगर लेवल कंट्रोल में रखने का ये 5 जादूई उपाय | Diabetes को जड़ से खत्म कैसे करें?


1. Diabetes कंट्रोल का पहला टिप

क्या आप मधुमेह के रोगी हैं? और क्या आप इसे वाकई में नियंत्रित रखना चाहते है तो यह आर्टिकल आपके लिए रामबाण साबित हो सकता हैं दोस्तों! आप अपने दिन की शुरुआत सुबह-सुबह टहलने (मार्निंग वाक) से कीजिए। वैसे तो आपको यह बात सुनकर बड़ा अटपटा सा लग सकता है, लेकिन यह एक साइंटिफिकली रिसर्चड और प्रूव्ड हैबिट मैथड हैं मित्रों मार्निंग वॉक आपके शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने का सबसे पहला जादूई टिप्स हैं।

प्रतिदिन यदि आप सुबह-सुबह ताज़ी हवा में टहलने की आदत अपने शरीर को देंगे, तो यह एक नैचुरल इंसुलिन बूस्टर की तरह आपके अंदर काम कर सकती है और जब भी आप सुबह में वॉक करते हैं, आपके शरीर में तेजी से पाउर एनर्जी बूस्टर ग्लूकोज एफिशिएंटली यूज होता रहता है जिससे आपके शरीर में सारा दिन चुस्ती-फुर्ती बनी रहती है।

यह सिंपल और साधारण सा अभ्यास आपके सेल्स की इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाती हैं जो कि डायबिटीज के मरीज के लिए बहुत ही उपयोगी साबित होता है। साइंटिफिक रिसर्च यह कहती हैं कि जब भी हम कोई फिजिकल एक्टिविटी जैसे मार्निंग वॉक करते हैं तो हमारी मसल्स ग्लूकोज को एनर्जी के लिए यूज करती है और इसके लिए इसे इंसुलिन की भी जरूरत नहीं पड़ती हैं। 

इसका मतलब यह होता हैं कि आपका शरीर अपने आप ही ब्लड शुगर लेवल को नैचुरली कम करने लग जाती है और आप भी अब तक मार्निंग वॉक नहीं करते हैं तो मार्निंग वॉक करना आज ही से शुरू कर दिजिए। 

शुरू-शुरू में 20 से 30 मिनट तक की मार्निंग वॉक कीजिए और फिर धीरे-धीरे इस ड्यूरेशन को आप बढ़ाते जाईए, आमतौर पर रोजाना सुबह एक घंटा आप नार्मल स्पीड में या फिर धीरे-धीरे नार्मल स्पीड की रफ्तार थोड़ी सी ज्यादा स्पीड में वॉक जरूर किया कीजिए।

2. Diabetes कंट्रोल का दूसरा टिप

मार्निंग वॉक के बाद दूसरा काम आपको यह करना है कि मेथी के बीज का पानी पीने की आदत डालनी है, आपको पता है दोस्तों मेथी का पानी डायबिटीज यानि शुगर को मैनेजमेंट करने में काफी ज्यादा इफेक्टिव साबित होता हैं मेथी के बीज में साॅल्युबल फाइबर होता है जो कि आपके कार्बोहाइड्रेट के अब्जाॅर्पशन को स्लो डाउन करता हैं। 

साइंटिफिकली इसे “फेनोग्रीको ऑक्सी आइसो ल्यूसिन” कहते हैं यह कंपाउंड आपकी इंसुलिन सेंसिटिविटी को इंप्रूव करता है और इंसुलिन सक्रियता को भी रेगुलेट करता है मेथी बीज के पानी को पीना बहुत ही आसान होता है। 

  • आप रात को एक टेबल स्पून मेथी के बीज को एक गिलास पानी में भिगोकर रख दीजिए 
  • और सुबह सुबह उठकर उस पानी को छानकर पी लीजिए जो मेथी आपकी भीगी हुई बचेगी 
  • आप चाहे तो इसको भी चबा चबाकर खा सकते हैं इससे आपको और भी ज्यादा फायदा मिलेगा

चलिए अब आगे बढ़ते हैं और बात करते हैं तीसरे टिप के बारे में लेकिन उससे पहले दोस्तों अगर आपको यह लेख पसंद आ रही है और कुछ अच्छी नई जानकारी इससे आपको मिल रही है तो फटाफट से इसे लाइक वाला बटन दबा दीजिए और हमारे ब्लॉग पर नए हैं पहली बार इस लेख को पढ़ रहे है तो सब्सक्राइब करके बेल आइकन को प्रेस कीजिए और अगर कुछ समझ में नहीं आ रहा है तो नीचे कमेंट करके जरूर पूछिए तीसरा टिप यह है।

3. Diabetes कंट्रोल का तीसरा टिप

दोस्तों, जैसे कि आपको अपने मेन मील्स यानी लंच और डिनर करने से पहले एक बड़ा कटोरा भर के वेजिटेबल सैलेड खानी है यह एक छोटी सी आदत है लेकिन डायबिटीज कंट्रोल में यह बहुत ही बड़ा रोल प्ले कर करती हैं।

जब आप अपने खाने से पहले फाइबर रिच सैलेड को खाते हैं तो यह आपके डाइजेस्टिव सिस्टम में कार्बोहाइड्रेट्स के अब्जॉर्प्शन को स्लो कर देता है।

एक डायबिटीज फ्रेंडली सैलेड बनाने के लिए आप लीफी ग्रीन वेजिटेबल्स जैसे कि पालक, पत्ता गोभी, गाजर, खीरा और टमाटर वगैरह को यूज कर सकते हैं और इसमें थोड़ा सा आप चाहें तो लेमन जूस और ऑलिव ऑयल या फिर पनीर वगैरह के टुकड़े भी डाल सकते हैं इसमें काला नमक और काली मिर्च वगैरह डाल के आप इसको अच्छी तरीके से एंजॉय कर सकते हैं।

इस सैलेड को अपने मील से 10 से 15 मिनट पहले खाना बेस्ट होता है क्योंकि इससे आपका डाइजेशन प्रोसेस अच्छे से स्टार्ट होता है और कार्बोहाइड्रेट्स का इंपैक्ट आपकी ब्लड शुगर के ऊपर कम पड़ता है।

4. Diabetes कंट्रोल का चौथा टिप

चौथा और इफेक्टिव टिप यह है दोस्तों, आप अपने रेगुलर आटे में चने का आटा मिलाना मत भूलिएगा क्योंकि यह भी एक सिंपल सा चेंज है जोकि डायबिटीज मैनेजमेंट के लिए काफी ज्यादा हेल्पफुल और असरदार पद्धति है।

जैसे कि चने का आटा प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है जो कि आपके आटे के 'ग्लाइसेमिक इंडेक्स' को कम करता है इसके मतलब यह होता है कि जब भी आप ऐसी रोटी खाते हैं जिसमें कि गेहूं के आटे के साथ चने का आटा भी मिला हुआ हो  इससे आपके ब्लड शुगर लेवल्स में अचानक से बढ़ोतरी नहीं होने देती है। 

साथ ही चिकपीस फ्लोर यानी जो चने का आटा होता है। ये प्रोटीन कंटेंट में भी हाई होता है जो कि आपको लंगर सटायटी प्रोवाइड करता है, यानी आपको ज्यादा देर तक भूख नहीं लगती है ये सभी फैक्टर्स मिलकर आपकी ओवरऑल ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में काफी मदद करती हैं आप अपने रेगुलर आंटे (वीट फ्लोर) में 1:3 के रेशियो में चने का आटा मिक्स कर सकते हैं यानी अगर आप तीन कप्स गेहूं का आटा यूज कर रहे हैं तो उसमें आपको एक कप चने का आटा जरूर मिक्स करना है।

5. Diabetes कंट्रोल का पांचवा और सबसे जरूरी टिप 

दोस्तों, आपको अपनी डाइट से उन हार्मफुल फूड्स खाने की आदतों को सदा के लिए हटाना होगा यदि आपको हमेशा फिट और फाइन रहना है तो.... 

और अगर इस तरह के फुड से परहेज़ नहीं करेंगे, तो आपके शूगर लेवल को ये और ज्यादा बिगाड़ सकते हैं, रिफाइंड शुगर यानी चीनी अनहेल्दी फैट्स जैसे कि रिफाइंड ऑयल वनस्पति घी और बार-बार गर्म किया हुआ जो तेल होता है ये आपके हेल्थ को 

और सिंपल कार्बोहाइड्रेट्स जैसे कि प्रोसेस्ड फूड्स लाइक मैगी, चिप्स, पास्ता, मैकरोनी या पिज़्ज़ा ये सभी चीजें जो हैं आपकी ब्लड शुगर लेवल्स को तुरंत इंपैक्ट डालती हैं और एकदम से बढ़ा देती हैं। 

और जिसकी वजह से आपकी जो इंसुलिन लेवल है वो बार-बार कम और ज्यादा होता रहता है एवं इंसुलिन की सेंसिटिविटी बॉडी में कम हो जाती है रेजिस्टेंस बढ़ जाता है और डायबिटीज को मैनेज करने में और भी ज्यादा मुश्किल आ जाती है।

निष्कर्ष -

इसलिए अपनी खाने की चीजों (डाइट मैन्यु) में ये छोटे-छोटे चेंजेज करके आप इन हार्मफुल फूड्स इन्टेक आदतों से अपने मुल्यवान स्वस्थ को बचा सकते हैं जैसे कि वाइट ब्रेड की जगह आप रोटी का इस्तेमाल कीजिए, रिफाइंड शुगर की जगह आप नेचुरल स्वीटनर्स जैसे कि स्टीविया, खेजुर गुड़ और धागे वाली मिश्री को अपने रोजाना डाइट में शामिल कीजिए। फास्ट फूड और पैकेज्ड स्नेक्स् अवइड कीजिए और उनकी जगह पर आप फ्रेश फ्रूट्स नट्स और सीड्स और हेल्दी स्नैक्स या फिर घर का बना हुआ शुद्ध खाना ही खाइए तो दोस्तों, आज हमने डायबिटीज कंट्रोल के लिए पांच पावरफुल टिप्स को डिस्कस किया। 

▪️पहला उपयोगी टिप सुबह की मार्निंग वॉक जो आपके इंसुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ाता है। 

▪️दूसरा  उपयोगी टिप मेथी के बीज का पानी जो कि कार्बोहाइड्रेट्स के अब्जॉर्प्शन को स्लो डाउन करके आपके ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने में आपकी हेल्प करता है। 

▪️तीसरा टिप खाने से से पहले एक बल एक कटोरा भर के सलाद खाना जो कि खाने के बाद वाली शुगर को स्पाइक होने से बचाता है। 

▪️चौथा टिप गेहूं के आटे में चने का आटा मिलाकर अपनी रोटियों को बनाना जो कि इनको डायबिटीज फ्रेंडली बनाता है। 

▪️पांचवा टिप हार्मफुल फूड्स को अवॉइड करके अपनी डाइट को हेल्दी बनाना इन सभी टिप्स को अपने डेली रूटीन के अंदर शामिल करके आप अपने डायबिटीज को इफेक्टिवली कंट्रोल में रख सकते हैं।

जरूरी जानकारी -

याद रखिएगा डायबिटीज मैनेजमेंट एक लॉन्ग टर्म कमिटमेंट और कन्सिसटेन अभ्यास या पद्धति पर निर्भर करती है, और यही छोटी-छोटी लाइफस्टाइल चेंजेज हैं जो आपको बड़े रिजल्ट दे सकता हैं। वैसे डायबिटीज मैनेजमेंट के लिए आयुर्वेद में कई तरह की जड़ी बूटियों का यूज भी किया जाता है जो कि आपकी ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में आपकी काफी हेल्प करती है। और यदि आप उस जड़ी-बूटियों से बनी औषधियों या उपयोगी घरेलू नुस्खे के बारे में भी जानना चाहते है, तो अगली आर्टिकल का इन्तजार करें और हमारी ब्लॉग Hindikaari स्वस्थ जीवन निरोगी काया को फोलो और एक प्यारा सा कमेन्ट करना न भूलें धन्यवाद...... हंसते रहिए, मुस्कुराते रहिए, रोज कुछ ना कुछ नया सीखते रहिए।

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